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Tally Prime

Ledger :- लेजर (Ledger) वह book है जिसमें सभी accounts की detail information अलग-अलग accounts खोलकर लिखी जाती है। Journal में लिखे गए सभी transactions (लेन–देन) को ledger में account-wise transfer किया जाता है।

👉 Journal = day-to-day transactions का record
👉 Ledger = account-wise record

 

Proforma of the Ledger:-

Name of the Account

          Dr.                                                                                                            Cr.

Date Particulars J.F. Amount Date Particulars J.F. Amount
  To “Name of the credit account in journal entry”       By “Name of the debit account in journal entry”    
  Total       Total    

खाता बही (Ledger) का प्रत्येक पृष्ठ दो भागों में एकसमान ढंग से विभाजित रहता है।
इसके बाएँ तरफ का भाग डेबिट पक्ष (Debit side) तथा दाहिने तरफ का भाग क्रेडिट पक्ष (Credit side) कहलाता है। प्रत्येक पक्ष के चार स्तम्भों में निम्नलिखित विवरण लिखे जाते हैं :

(1) तिथि (Date) — इस स्तम्भ में वर्ष, वर्ष के नीचे महीना के साथ लेन-देन की तिथि लिखी जाती है। ये सभी सूचनाएँ सम्बन्धित रोजनामचा (Journal) प्रविष्टि में रहती हैं।

(2) विवरण (Particulars) — खाता बही के बाएँ पक्ष के विवरण में प्रत्येक लेखे के पहले बाएँ पक्ष में “To” तथा दाहिने पक्ष में “By” लिखा जाता है। इसके बाद लेन-देन से प्रभावित खाते का नाम लिखा जाता है। पश्चिमी देशों की तरह हमारे देश में भी “To” और “By” लिखने का प्रचलन समाप्त हो रहा है।

(3) रोजनामचा पृष्ठ संख्या (Journal Folio or J.F.) — इस स्तम्भ में रोजनामचा या सहायक पुस्तक के उस पृष्ठ की संख्या लिखी जाती है जहाँ से यह प्रविष्टि हुई है। व्यावहारिक रूप से इस स्तम्भ का उपयोग होता है। सैद्धान्तिक अध्ययन के समय इस स्तम्भ में कुछ भी नहीं लिखा जाता है।

(4) राशि (Amount) — इस स्तम्भ में लेन-देन की राशि लिखी जाती है। व्यवहार में इसे दो उप-भागों में बाँटकर पहले भाग में रुपये तथा दूसरे भाग में पैसे को लिखा जाता है।

Posting:- Posting (पोस्टिंग) का अर्थ है रोजनामचा (Journal) में की गई प्रविष्टियों को खाता बही (Ledger) के संबंधित खातों में transfer (स्थानांतरण) करना।

  • पहले लेन–देन को Journal में लिखा जाता है

  • बाद में उसी लेन–देन को संबंधित Ledger Account में डाला जाता है

  • इस प्रक्रिया को ही Posting कहते हैं

Rules of Posting:-  

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